मां,बड़े भाई व गर्भवती भाभी के हत्यारे की फांसी की सजा पर हाइकोर्ट में हुई सुनवाई।
नैनीताल-21 अप्रैल 2026
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर निर्मम हत्या करने के आरोपी को निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा के मामले पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने अगली सुनवाई हेतु 20 मई की तिथि नियत की है।
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि घटना के समय आरोपी कोई मानसिक रोग से ग्रसित तो नहीं था, क्या उस बारे में भी जांच की गई है? उत्तराखंड हाईकोर्ट के इस सवाल पर सरकार की तरफ से कहा गया कि आरोपी कोई मानसिक रोग से ग्रसित नहीं था।
दरअसल, पूर्व में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने निचली अदालत को आदेश देकर कहा था कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के सम्बन्ध में सुनवाई नहीं हुई है, इसलिए इस मामले में दोबारा से सुनवाई की जाए। उत्तराखंड हाईकोर्ट के इस आदेश पर निचली अदालत ने दोबारा ने सुनवाई करते हुए उसकी फांसी की सजा को बरकरार रखा है। फिर से अपने आदेश की पुष्टि के लिए निचली अदालत ने उच्च न्यायलय को रिफरेंस आदेश भेजा था।
मामले के अनुसार टिहरी गढ़वाल के गुमाल गांव निवासी संजय सिंह ने 13 दिसंबर 2014 को मामूली बात में अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर हत्या कर दी थी, जिसकी रिपोर्ट आरोपी के पिता राम सिंह पवार ने दर्ज कराई थी। दोषी संजय सिंह को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत ने अगस्त 2021 में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी, जिसे आरोपी ने भी उच्च में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद वशिष्ठ को न्याय मित्र नियुक्त कर आरोपी की ओर से बहस हेतु नियुक्त किया था। न्याय मित्र ने कोर्ट को बताया कि मृत्यु दंड की सजा पाया आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। मेडिकल बोर्ड ने भी आरोपी को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए कहा कि वह अपने द्वारा किये जाने वाले कृत्य के परिणाम नहीं जानता है, लेकिन वह इलाज के बाद ठीक हो सकता है. किंतु निचली अदालत ने इस तथ्य को नजरअंदाज कर आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुना दी।
