मेहलचौरी क्षेत्र में गुलदार ने गोशाला में बंधे गोवंश का मार डाला,वनकर्मी परेशान आग बुझाएं या गुलदार भगाएं।

मेहलचौरी क्षेत्र में गुलदार ने गोशाला में बंधे गोवंश का मार डाला,वनकर्मी परेशान आग बुझाएं या गुलदार भगाएं।

मेहलचौरी (गैरसैंण)-23 मई 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला।

विकासखंड गैरसैंण के मेहलचौरी क्षेत्र में एक बार फिर गुलदार ने सक्रिय होकर ग्रामीणों में दहशत फैलानी शुरू कर दी है। शुक्रवार रात्रि मेहलचौरी बाजार के नजदीकी थाला गांव में विक्रम सिंह की गौशाला में गाय की बच्छिया पर हमला करके मार डाला। जिसकी सूचना वनकर्मियों को दी गई,लेकिन तब वनकर्मी दुरूस्थ माईथान क्षेत्र के रामगंगा बीट में आग बुझाने गए हुए थे, जिससे मौके पर नहीं पंहुच पाए। पिछले दिसंबर -जनवरी में गुलदार के दर्जनभर हमलों में दो दर्जन गोवंश के मारे जाने के बाद एक बार फिर गुलदार के सक्रिय होने से वन महकमा भी परेशान है, की वे जंगलों की आग बुझाएं या गांवों में आ रहे गुलदार को भगाएं।

शुक्रवार शाम 7 बजे थाला गांव के विक्रम सिंह पुत्र देव सिंह की घर के नजदीक ही गौशाला में बंधी गाय व उसकी बच्छिया पर गुलदार ने हमला कर दिया , जिसके बाद घबराई हुई गाय खुंटा तोडकर भाग गयी ,तब गुलदार ने बच्छिया पर हमला कर दिया। गोवंश की आवाज सुनकर नजदीकी घर से दरवान सिंह बिष्ट ने मौके पर पहुंचकर हो -हल्ला किया तो , गुलदार घायल बच्छिया को छोड जंगल की तरफ भाग गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने घायल बच्छिया को बचाने के लिए गले में लगे घावों की मरहम पट्टी की ,लेकिन गंभीर रूप से घायल बच्छिया का बचा नहीं सके। शनिवार सुबह मौके पर पंहुचे वनकर्मियों ने गोवंश का पोस्टमार्टम कर जल्द ही पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की बात कही।

गुलदार की एक बार फिर बढ़ती सक्रियता को लेकर वन क्षेत्राधिकारी गैरसैंण प्रदीप गौड़ ने कहा कि आए दिन जंगलों में आग लग रही है,जिससे वन्य पशु आबादी का रूख कर रहे हैं.उन्होंने क्षेत्रवासियों को जंगलों को आग से बचाने की अपील करते हुए कहा की जंगली जानवरों का प्राकृतिक वासस्थल सुरक्षित रहेगा,तो वो गांवों की तरफ नहीं आएंगे,जिससे मानव वन्यजीव संघर्ष भी रूक सकता है। मामले में ग्राम प्रधान रेनू नेगी ,क्षेत्र पंचायत सदस्य रेवती मढ़वाल व जिला पंचायत सदस्य कोठा सुरेश बिष्ट ने पिडित परिवार को जल्द मुआवजा दिए जाने के साथ ही लंबे समय से सक्रिय गुलदार के आतंक से स्थायी रूप से निजात दिलाने की मांग की है।

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